समय अपनी गति से चलता रहता है. यादें रह जाती हैं पर वह भी समय के साथ धुंधली होती जाती हैं. विज्ञान ने इंसान को इतना सक्षम बना दिया है कि वह यादों को संजो कर रख सके तस्वीरों के रूप में. तस्वीरों के माध्यम से अपनी बात कहने की कोशिश है यह ब्लाग.
Sunday, April 5, 2009
प्रथ्वी पर हमारे सहचर
मेरे एक परिचित ने मुझे एक केलेंडर दिया जिस में जानवरों की तस्वीरें थीं. मैंने तस्वीरों को स्केन किया और अब आपकी सेवा में प्रस्तुत हैं.
4 comments:
नेहरु - एडविना की तस्वीर पसंद आई. उसके नीचे आपके द्वारा दिया गया शीर्षक उससे भी ज्यादा मजेदार है.......
अच्छी तसवीरें हैं...ये जानकार तो और भी अच्छा लगा कि इन्हें मेहनत लगा कर स्कैन किया गया है..
बहुत सुंदर चित्र... सच मै नेहरु का चरित्र व्यान करती है यह तस्वीर...
धन्यवाद
आजकल बहुत कम समय निकाल पा रहे हैं
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