mera blog

समय अपनी गति से चलता रहता है. यादें रह जाती हैं पर वह भी समय के साथ धुंधली होती जाती हैं. विज्ञान ने इंसान को इतना सक्षम बना दिया है कि वह यादों को संजो कर रख सके तस्वीरों के रूप में. तस्वीरों के माध्यम से अपनी बात कहने की कोशिश है यह ब्लाग.

Tuesday, August 24, 2010

कुछ नए ताजा गुलाब

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यह मिले मुझे एक फेक्ट्री में. कमाल है न?

मैंने ऐसी बहुत फेक्ट्रियां देखी हैं जहाँ सांस लेना भी मुश्किल होता है, और एक यह फेक्ट्री है जो केमिकल्स बनाती है पर वहां पर गुलाब भी उगाती है. साफ़-सुथरी फेक्ट्री, मन प्रसन्न हो जाता है सफाई देख कर.

मेरा यह मानना है कि साफ़-सफाई इंसान के मन में होती है. जब तक इंसान अन्दर से साफ़ नहीं होगा , बाहर की सफाई उस के किये कोई महत्त्व नहीं रखती. एक बार जिस ने गंदगी वर्दाश्त कर ली वह सफाई से हमेशा के लिए वंचित हो गया.

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